कौन थे नीम करोली बाबा?

नीम करोली बाबा 20वीं सदी के प्रसिद्ध भारतीय संत थे। उनका मूल नाम लक्ष्मण नारायण शर्मा बताया जाता है। भक्त उन्हें महाराज जी के नाम से भी पुकारते थे। उनका जीवन भगवान हनुमान की भक्ति और मानव सेवा के संदेश से जुड़ा रहा।

उत्तराखंड के नैनीताल के पास स्थित कैंची धाम उनकी सबसे प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थली है। 1960 के दशक में यहां आश्रम और हनुमान मंदिर का निर्माण हुआ, जो आज दुनियाभर में उनके अनुयायियों के लिए प्रमुख तीर्थस्थल माना जाता है।


‘हनुमान अंश’ क्यों है खास?

डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी की फिल्म ‘हनुमान अंश’ बाबा नीम करोली के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित है। फिल्म में उनके हनुमान प्रेम, सेवा और भक्ति के संदेश को केंद्र में रखा गया है।

फिल्म की खास बात यह भी है कि महज करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी कमाई 50 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है।


विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का कैंची धाम कनेक्शन

नीम करोली बाबा से जुड़े सबसे चर्चित नामों में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा भी शामिल हैं। अनुष्का शर्मा बाबा को अपना गुरु बता चुकी हैं। दिसंबर 2022 में विराट और अनुष्का अपनी बेटी के साथ कैंची धाम पहुंचे थे। उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं।

हालांकि, विराट-अनुष्का को सीधे तौर पर ‘नीम करोली बाबा के भक्त’ कहने के बजाय यह कहना ज्यादा सटीक है कि वे बाबा की शिक्षाओं और कैंची धाम से जुड़े आध्यात्मिक प्रभाव से प्रभावित रहे हैं।


मार्क जकरबर्ग भी पहुंचे थे कैंची धाम

नीम करोली बाबा का प्रभाव सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा। फेसबुक के को-फाउंडर मार्क जकरबर्ग भी भारत यात्रा के दौरान कैंची धाम पहुंचे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने बाबा की तस्वीर और उनकी शिक्षाओं से प्रभावित होने की बात साझा की थी।

दिलचस्प बात यह है कि बाबा का निधन 1973 में हो गया था, यानी जकरबर्ग के कैंची धाम आने से कई दशक पहले। इसके बावजूद बाबा की आध्यात्मिक विरासत का प्रभाव दुनिया के टेक और बिजनेस जगत तक पहुंचा।


स्टीव जॉब्स भी थे प्रभावित

एप्पल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स का नाम भी नीम करोली बाबा से जुड़े चर्चित लोगों में आता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉब्स भारत में आध्यात्मिक खोज के दौरान बाबा के आश्रम पहुंचे थे और बाद में उनके विचारों से प्रभावित हुए।

कई विदेशी अनुयायियों और आध्यात्मिक साधकों के जरिए नीम करोली बाबा की शिक्षाएं अमेरिका और दुनिया के दूसरे हिस्सों तक पहुंचीं।


बाबा की सबसे बड़ी सीख क्या थी?

नीम करोली बाबा की शिक्षाओं में प्रेम, सेवा, भक्ति और मानवता को विशेष महत्व दिया जाता है। उनके अनुयायियों के मुताबिक, उनकी आध्यात्मिक सोच का केंद्र यह था कि ईश्वर की भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों की सेवा में भी दिखाई देनी चाहिए।

यही वजह है कि दशकों बाद भी उनका नाम आध्यात्मिक जगत के साथ-साथ फिल्म और पॉप कल्चर में चर्चा का विषय बना हुआ है।


‘हनुमान अंश’ से फिर चर्चा में आए बाबा

नीम करोली बाबा के जीवन पर बनी ‘हनुमान अंश’ ने उनकी कहानी को नई पीढ़ी तक पहुंचाया है। फिल्म की लोकप्रियता ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसा क्या था जिसने एक भारतीय संत को विराट-अनुष्का से लेकर स्टीव जॉब्स और मार्क जकरबर्ग जैसे लोगों तक प्रभावित किया।

यही वजह है कि ‘हनुमान अंश’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि नीम करोली बाबा की आध्यात्मिक विरासत को नए दर्शकों तक पहुंचाने वाली कहानी के तौर पर भी देखी जा रही है।