श्रीनगर में आयोजित सस्टेनेबल टूरिज्म कॉन्क्लेव में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य के पर्यटन मॉडल में बड़े बदलाव का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि अब सरकार का फोकस केवल अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने पर नहीं होगा, बल्कि ऐसे पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा जो पर्यावरण, स्थानीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था के लिए लाभदायक हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए अब "क्वालिटी ओवर क्वांटिटी" यानी भीड़ से ज्यादा गुणवत्ता पर ध्यान देना आवश्यक है। उनका कहना था कि अनियंत्रित पर्यटन से पर्यावरण और स्थानीय संसाधनों पर असर पड़ता है, इसलिए भविष्य की नीतियां संतुलित विकास को ध्यान में रखकर बनाई जाएंगी।

उमर अब्दुल्ला ने स्थानीय समुदायों की भागीदारी को भी सस्टेनेबल टूरिज्म का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि पर्यटन से मिलने वाले आर्थिक लाभ सीधे स्थानीय लोगों तक पहुंचने चाहिए, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हों और पारंपरिक हस्तशिल्प, संस्कृति तथा स्थानीय व्यवसायों को भी बढ़ावा मिले।

सरकार का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को एक ऐसे पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करना है, जहां पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक सुविधाएं और स्थानीय विकास एक साथ आगे बढ़ें। इस नई नीति के तहत पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।