बिहार की राजनीति में UCC को लेकर बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने 18 सितंबर को पटना स्थित पार्टी कार्यालय में बड़ी बैठक बुलाई है। इस बैठक में पार्टी के सभी MP, MLA और MLC को बुलाया गया है। बैठक सुबह 10 बजे से शुरू होने की जानकारी सामने आई है।

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को लेकर NDA के भीतर अलग-अलग सहयोगी दलों के रुख सामने आ रहे हैं।


UCC पर JDU में मंथन

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले NDA/BJP शासित राज्यों में UCC लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। इसके बाद बिहार में JDU के कुछ नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई।

JDU नेता श्याम रजक ने बिहार में UCC लागू किए जाने का विरोध किया था। वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता और डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने कहा कि अभी UCC के प्रावधान सार्वजनिक नहीं हुए हैं। पहले बिल का अध्ययन किया जाएगा और उसके बाद पार्टी अपना रुख तय करेगी।


विजय चौधरी ने कहा- अकारण विरोध नहीं करेंगे

विजय कुमार चौधरी के मुताबिक, JDU UCC के प्रावधानों को देखने के बाद फैसला करेगी। अगर किसी प्रावधान पर पार्टी को आपत्ति हुई तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने अपनी चिंताएं रखी जाएंगी।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रावधानों में आपत्ति जैसी कोई बात नहीं हुई तो पार्टी बिना कारण इसका विरोध नहीं करेगी


नीतीश कुमार के आवास पर भी हुई बैठक

UCC को लेकर बढ़ती चर्चा के बीच 15 सितंबर को JDU के कई वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार के पटना स्थित आवास पर पहुंचे थे। इनमें केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी समेत अन्य नेता शामिल थे। बैठक में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और पार्टी की रणनीति पर चर्चा की जानकारी सामने आई है।


18 सितंबर की बैठक क्यों अहम?

JDU की 18 सितंबर की बैठक में UCC के अलावा फरक्का जल संधि समेत दूसरे राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। बैठक में सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के लिए विधायी कार्यों से जुड़ा ओरिएंटेशन कार्यक्रम भी रखा गया है।

फरक्का जल संधि को लेकर भी JDU केंद्र सरकार पर अपना रुख स्पष्ट करने का दबाव बना रही है। पार्टी इस मुद्दे को बिहार में बाढ़, सुखाड़ और गाद की समस्या से जोड़ती रही है।


NDA में UCC पर मतभेद

UCC को लेकर सिर्फ JDU ही नहीं, बल्कि NDA के कुछ अन्य सहयोगी दलों ने भी कहा है कि वे कानून के वास्तविक प्रावधान सामने आने के बाद ही अंतिम रुख तय करेंगे। इससे बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा और तेज हो गई है।

दूसरी ओर, RJD ने UCC के मुद्दे पर JDU के रुख को लेकर नीतीश कुमार को अपने साथ आने का राजनीतिक संदेश भी दिया है।


क्या गठबंधन पर पड़ेगा असर?

फिलहाल JDU के NDA से अलग होने या गठबंधन बदलने का कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। 18 सितंबर की बैठक में पार्टी UCC और अन्य मुद्दों पर क्या रणनीति अपनाती है, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।

इसलिए फिलहाल इतना स्पष्ट है कि UCC ने बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू कर दी है और JDU अपने सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ इस मुद्दे पर विस्तृत मंथन करने जा रही है।