जंतर-मंतर पर 23 जून को हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट का मामला फिर चर्चा में है। स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सामने आने के बाद आरोप लगाए गए कि उन्होंने संजय कुमार पर हमला किया था और राजनीतिक पहुंच के कारण कार्रवाई से बच गए।
वायरल वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज ने संजय कुमार का सिर फोड़ने का दावा किया था। बाद में एक मीडिया बातचीत में उन्होंने इसे सेल्फ-डिफेंस बताया और कहा कि अगर उन्होंने बचाव नहीं किया होता तो स्थिति मॉब लिंचिंग तक पहुंच सकती थी।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस ने आरोपों और राजनीतिक हस्तक्षेप की बात को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, घटना के दौरान संजय कुमार के सिर पर चोट लगी थी। RML अस्पताल की मेडिकल जांच में चोट को सामान्य प्रकृति की बताया गया और पुलिस के अनुसार चोट किसी हथियार से नहीं बल्कि एक व्यक्ति द्वारा पहने गए कड़े से लगी थी। पुलिस ने यह भी कहा कि स्कल फ्रैक्चर की बात मेडिकल रिकॉर्ड से पुष्ट नहीं हुई है।
पुलिस के अनुसार, संजय कुमार की शिकायत पर Parliament Street थाने में BNS की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई। जांच के दौरान सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज से पूछताछ की गई और दोनों को कानून के अनुसार नोटिस दिए गए। पुलिस ने कहा है कि मामले में आगे चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
FIR में कौन सी धाराएं लगीं?
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में BNS की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत FIR दर्ज की गई है। FIR नंबर 62/2026 बताया गया है। मेडिकल रिपोर्ट में संजय कुमार के सिर पर दो कटे हुए घाव दर्ज होने की बात सामने आई है।
राजनीतिक संरक्षण के आरोप पर पुलिस का जवाब
स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल वीडियो में कथित तौर पर राजनीतिक संपर्कों का जिक्र किए जाने के बाद पुलिस पर कार्रवाई में पक्षपात के आरोप लगे। हालांकि दिल्ली पुलिस ने साफ कहा कि मामले में किसी प्रभावशाली व्यक्ति का अनुचित हस्तक्षेप नहीं हुआ और पूरी कार्रवाई कानून व निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की गई है।
इस मामले को लेकर राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस अपने स्तर पर आरोपों को खारिज करते हुए जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रहने की बात कह रही है।