सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान पुलिस की मौजूदगी में अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद उनके समर्थकों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध धरना स्थल से हटाकर अस्पताल पहुंचाया।

समर्थकों का कहना है कि वांगचुक शांतिपूर्ण ढंग से अपना आंदोलन जारी रखे हुए थे, लेकिन अचानक पुलिस ने हस्तक्षेप कर उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया। घटना के बाद धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने विरोध भी जताया।

वहीं, प्रशासन की ओर से कहा गया कि सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखना आवश्यक था। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया।

सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। उनकी सेहत को लेकर पहले भी डॉक्टरों और अदालत की ओर से चिंता जताई जा चुकी है।

इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। समर्थकों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।