सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हूती विद्रोहियों के ताजा मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब के कई प्रमुख शहरों में इमरजेंसी अलर्ट जारी किए गए। सऊदी सिविल डिफेंस ने संभावित खतरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की।
किन शहरों में जारी हुआ अलर्ट?
सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, संभावित खतरे को लेकर जेद्दा, जाजान, आभा, अल-उला, ताइफ और यनबू में अलर्ट जारी किए गए थे। लोगों से शांत रहने, आधिकारिक निर्देशों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया।
सऊदी अरब का नेशनल अर्ली वार्निंग सिस्टम मोबाइल फोन पर आपातकालीन संदेश भेजकर लोगों को खतरे की जानकारी देता है।
हूतियों ने किन इलाकों को निशाना बनाया?
ताजा हमलों में हूतियों ने दक्षिणी सऊदी अरब के खमीस मुशैत, आभा और ताइफ में मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के अनुसार, इन हमलों में 13 नागरिक घायल हुए। सात घरों और दो वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
हूतियों ने इससे पहले खमीस मुशैत स्थित सैन्य एयरबेस को निशाना बनाने का दावा किया था। इस हमले में एयरबेस के हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे और हथियार भंडार को निशाना बनाने की बात कही गई।
जेद्दा और यनबू क्यों महत्वपूर्ण हैं?
जेद्दा सऊदी अरब का प्रमुख तटीय शहर और लाल सागर का महत्वपूर्ण केंद्र है। वहीं यनबू देश का अहम तेल निर्यात बंदरगाह है, जहां से हर दिन बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का निर्यात होता है। इसलिए इन शहरों को लेकर सुरक्षा अलर्ट ने क्षेत्रीय ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ा दी।
अब क्या स्थिति है?
ताजा अपडेट में सऊदी सिविल डिफेंस ने बताया कि जेद्दा, आभा, जाजान, अल-उला, ताइफ और यनबू में तत्काल खतरा टल गया है और इन क्षेत्रों के लिए जारी चेतावनी हटा दी गई है। हालांकि, क्षेत्र में हूती हमले जारी रहने के कारण सुरक्षा स्थिति पर नजर बनी हुई है।
हूतियों के हमलों का यह नया दौर ऐसे समय आया है जब यमन के लाल सागर तट पर उनकी सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं। इससे बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य और वैश्विक समुद्री व्यापार को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
सऊदी अरब के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती अपने शहरों, सैन्य ठिकानों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों से सुरक्षित रखना है। दूसरी ओर, हूती हमलों के जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
नोट: शुरुआती अलर्ट में संभावित खतरे की चेतावनी दी गई थी; बाद में सऊदी अधिकारियों ने इन छह शहरों में खतरा टलने की घोषणा कर दी। इसलिए इसे वर्तमान में इन शहरों में जारी आपातकाल के रूप में नहीं समझना चाहिए।