पटना, 30 अक्टूबर 2026: बिहार की राजनीति और उद्योग जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा, जिन्हें आरके सिन्हा के नाम से जाना जाता है, का शुक्रवार को निधन हो गया। उन्होंने 75 वर्ष की उम्र में नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और कारोबारी जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

पटना लाया जाएगा पार्थिव शरीर

परिजनों के अनुसार, आरके सिन्हा का पार्थिव शरीर दिल्ली-एनसीआर से पटना लाया जाएगा। पटना के पाटलिपुत्र स्थित अन्नपूर्णा भवन में लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। अंतिम संस्कार और अन्य कार्यक्रमों का विस्तृत समय आधिकारिक रूप से घोषित किया जाना बाकी है।

बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में थे शामिल

आरके सिन्हा बिहार में भारतीय जनता पार्टी के शुरुआती और संस्थापक सदस्यों में गिने जाते थे। उनका राजनीतिक सफर जनसंघ के दौर से शुरू हुआ था। बाद में वह भाजपा से जुड़े और संगठन के विभिन्न कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।

वर्ष 2014 में भाजपा ने उन्हें बिहार से राज्यसभा भेजा। वह 2014 से 2020 तक राज्यसभा सांसद रहे। संसद में उन्होंने महिला सुरक्षा, गंगा की स्वच्छता, कौशल विकास और बिहार के विकास जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।

पत्रकारिता से शुरू हुआ था करियर

राजनीति में आने से पहले आरके सिन्हा पत्रकार थे। उन्होंने पटना से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार द सर्चलाइट सहित अन्य समाचार पत्रों में काम किया। वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्होंने युद्ध संवाददाता के रूप में भी रिपोर्टिंग की थी।

जेपी आंदोलन के दौर में भी वह सक्रिय रहे। पत्रकारिता, सामाजिक गतिविधियों और राजनीतिक संगठन से उनके जुड़ाव ने उन्हें बिहार के सार्वजनिक जीवन में एक अलग पहचान दिलाई।

1974 में पटना से SIS ग्रुप की स्थापना

आरके सिन्हा की सबसे बड़ी व्यावसायिक पहचान सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज (SIS) ग्रुप के संस्थापक के रूप में रही। उन्होंने 1974 में पटना से इस कंपनी की शुरुआत की थी।

उनका उद्देश्य पूर्व सैनिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था। एक छोटे उद्यम के रूप में शुरू हुई कंपनी आगे चलकर निजी सुरक्षा, फैसिलिटी मैनेजमेंट और मानव संसाधन सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी कंपनी बन गई। SIS ने भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपना कारोबार फैलाया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया शोक

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आरके सिन्हा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि जनसंघ और भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व राज्यसभा सांसद के रूप में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता, समाजसेवा और संगठनात्मक कार्यों में उनके योगदान को भी याद किया।

भाजपा और अन्य राजनीतिक नेताओं ने भी उनके निधन पर शोक जताया है।

राजनीति, पत्रकारिता और उद्योग जगत में छोड़ी पहचान

आरके सिन्हा का जीवन पत्रकारिता, राजनीति, उद्यमिता और सामाजिक कार्यों से जुड़ा रहा। पटना से शुरू किया गया उनका व्यावसायिक सफर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। राज्यसभा सांसद के रूप में भी उन्होंने बिहार से जुड़े मुद्दों को उठाया।

उनके निधन को बिहार के राजनीतिक और कारोबारी जगत के लिए बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।