सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच सुरक्षा स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। सोमवार को हूतियों ने दक्षिणी सऊदी अरब के खमीस मुशैत, आभा और ताइफ समेत कई इलाकों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के मुताबिक, इन हमलों में 13 नागरिक घायल हुए और कई घरों तथा वाहनों को नुकसान पहुंचा।
मक्का को लेकर क्या है अलर्ट?
सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में मक्का में इमरजेंसी अलर्ट और लोगों को पुलों तथा ऊंची इमारतों से दूर रहने की सलाह दिए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, उपलब्ध सऊदी सिविल डिफेंस और Reuters की रिपोर्टों में जिन शहरों के लिए आधिकारिक आपात चेतावनी की पुष्टि हुई है, उनमें जेद्दा, आभा, जाजान, अलउला, ताइफ और यानबू शामिल हैं। बाद में सऊदी सिविल डिफेंस ने इन क्षेत्रों में खतरा टलने की जानकारी भी दी।
इसलिए मक्का में अलग से जारी अलर्ट को फिलहाल आधिकारिक रूप से पुष्ट तथ्य के तौर पर पेश करना जल्दबाजी होगी।
लोगों को किन सावधानियों की सलाह?
सऊदी सिविल डिफेंस ने पहले जारी किए गए अलर्ट के दौरान लोगों से खुले स्थानों, शीशों, बालकनी और छतों से दूर रहने तथा सुरक्षित इमारतों में शरण लेने की सलाह दी थी। साथ ही लोगों से अफवाहों और अनजान स्रोतों से आने वाले वीडियो या सूचनाओं को शेयर न करने और केवल आधिकारिक चैनलों से जानकारी लेने को कहा गया था।
हूतियों के हमले क्यों बढ़े?
यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने हाल के दिनों में सऊदी शहरों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले तेज किए हैं। सोमवार के हमलों में खमीस मुशैत के सैन्य एयरबेस को निशाना बनाने का दावा किया गया। इसी दौरान हूती लड़ाकों की लाल सागर के पश्चिमी तट पर बढ़त और रणनीतिक बाब-अल-मंदेब क्षेत्र के आसपास गतिविधियों ने क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा दिया है।
बढ़ा तेल और शिपिंग पर खतरा
संघर्ष का असर सिर्फ सऊदी अरब तक सीमित नहीं है। सऊदी अरब की महत्वपूर्ण East-West Pipeline पर हमले के बाद तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। Reuters के अनुसार, लंबे समय तक पाइपलाइन बंद रहने पर वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 4% तक जोखिम में पड़ सकता है। इसी वजह से Brent crude की कीमत 15 सितंबर को $107 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई।
निष्कर्ष: सऊदी अरब में हूती हमलों के कारण सुरक्षा अलर्ट लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन मक्का के लिए अलग से जारी इमरजेंसी अलर्ट की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि फिलहाल स्पष्ट नहीं है। ऐसे में मक्का से जुड़ी किसी भी चेतावनी को साझा करने से पहले सऊदी सिविल डिफेंस या आधिकारिक नेशनल अर्ली वार्निंग सिस्टम की सूचना देखना जरूरी है।