पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहा विवाद फिलहाल एक नए पड़ाव पर पहुंच गया है। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल प्लेयर’ चुनाव चिह्न मिला है। वहीं अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।
जोड़ाफूल की जगह अब फुटबॉल प्लेयर
चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को अंतरिम आदेश जारी कर दोनों गुटों को मूल ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और पारंपरिक ‘फूल और घास’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया था।
इसके बाद दोनों पक्षों से तीन-तीन वैकल्पिक नाम और चुनाव चिह्न मांगे गए थे। ममता गुट ने अपने विकल्पों में फुटबॉल और क्रिकेट बैट जैसे खेल से जुड़े प्रतीक भी सुझाए थे।
आयोग ने अब इनमें से फुटबॉल प्लेयर प्रतीक आवंटित किया है।
अरूप रॉय गुट को मिला लिफाफा
दूसरी तरफ अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है और उसके लिए ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।
रिपोर्टों के मुताबिक इस गुट ने नाम के लिए ‘जातीयतावादी तृणमूल कांग्रेस’ और ‘गणतांत्रिक तृणमूल कांग्रेस’ जैसे विकल्प तथा चिह्नों में ब्लैकबोर्ड, लिफाफा और मशाल जैसे विकल्प सुझाए थे।
यह फैसला फिलहाल अंतरिम व्यवस्था है
चुनाव आयोग का यह फैसला अंतिम रूप से यह तय नहीं करता कि मूल TMC का नाम और ‘फूल और घास’ चिह्न किस गुट को मिलेगा।
आयोग ने कहा है कि दोनों गुट पार्टी पर अपना दावा कर रहे हैं और इस विवाद का विस्तृत निर्धारण Election Symbols (Reservation & Allotment) Order, 1968 के पैराग्राफ 15 के तहत किया जाना है। तब तक दोनों गुटों के लिए यह अलग नाम और सिंबल अंतरिम व्यवस्था के तौर पर लागू रहेंगे।
6 अक्टूबर को उपचुनाव
यह व्यवस्था पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों को देखते हुए की गई है। इन सीटों पर मतदान 6 अक्टूबर 2026 को होना है। असम की नगांव लोकसभा सीट के लिए भी संबंधित व्यवस्था लागू की गई है।
चुनाव आयोग ने संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों को पहले से दाखिल नामांकन वाले उम्मीदवारों को नए आवंटित नाम और चिह्न के तहत मानने के निर्देश भी दिए हैं।
अब दोनों गुट नई पहचान के साथ मैदान में
फिलहाल चुनावी मैदान में दोनों पक्षों की पहचान अलग होगी—ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के साथ फुटबॉल प्लेयर, जबकि डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस के साथ लिफाफा।
हालांकि, मूल पार्टी के नाम और पारंपरिक चुनाव चिह्न पर अंतिम फैसला अभी बाकी है। इसलिए मौजूदा व्यवस्था को आगामी उपचुनावों के लिए अंतरिम चुनावी व्यवस्था के तौर पर देखना होगा।