झारखंड के पलामू जिले के सिक्का गांव में मिलावटी सरसों के तेल से जुड़ी दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार के छह लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों में डर और चिंता का माहौल है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में लगातार निगरानी कर रही हैं तथा खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जांच और प्रयोगशाला रिपोर्ट में सरसों के तेल में आर्गेमोन (Argemone) तेल की मिलावट की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस जहरीले तेल के सेवन से एपिडेमिक ड्रॉप्सी (Epidemic Dropsy) नामक गंभीर बीमारी हो सकती है, जिसमें शरीर में सूजन, सांस लेने में दिक्कत, हृदय संबंधी समस्याएं और कई मामलों में अंगों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद अधिकांश परिवार खुले में बिकने वाले सरसों के तेल का उपयोग करने से बच रहे हैं। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों को जागरूक कर रही है और संदिग्ध तेल का इस्तेमाल तुरंत बंद करने की सलाह दी जा रही है। वहीं, प्रशासन ने आसपास के बाजारों और तेल मिलों में निरीक्षण अभियान भी शुरू कर दिया है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे केवल प्रमाणित और सीलबंद खाद्य तेल ही खरीदें। यदि किसी व्यक्ति में पैरों में सूजन, सांस लेने में तकलीफ, आंखों या शरीर में असामान्य सूजन जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा जांच को और सख्त बनाया जाएगा।