हूतियों के पास इतनी सैन्य ताकत कहां से आई?
यमन का हूती आंदोलन अब सिर्फ एक स्थानीय विद्रोही संगठन नहीं रह गया है। पिछले वर्षों में इसकी सैन्य क्षमता में काफी विस्तार हुआ है। संगठन के पास बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों, ड्रोन और एंटी-शिप हथियारों समेत कई तरह के सिस्टम हैं।
संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जटिल हथियार प्रणालियों के विकास और उत्पादन के लिए हूतियों को बाहरी सहायता की जरूरत रही है। रिपोर्ट में मिसाइल, ड्रोन, एंटी-शिप सिस्टम, एयर-डिफेंस और रडार जैसी क्षमताओं का उल्लेख किया गया है।
सबसे बड़ा बाहरी सहयोगी कौन?
उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में ईरान को हूतियों का प्रमुख बाहरी समर्थक बताया गया है। Council on Foreign Relations के अनुसार, ईरान ने हूतियों को हथियार, प्रशिक्षण और खुफिया सहायता उपलब्ध कराई है। अमेरिकी अधिकारियों और अन्य स्रोतों ने भी ईरानी हथियारों और तकनीकी सहयोग की बात कही है।
हालांकि, हूतियों को केवल ईरान का नियंत्रित संगठन मानना पूरी तस्वीर नहीं बताता। विश्लेषकों के अनुसार, संगठन की अपनी राजनीतिक और सैन्य संरचना तथा स्थानीय हथियार निर्माण क्षमता भी विकसित हुई है।
हूतियों के पास कौन-कौन से हथियार हैं?
1. बैलिस्टिक मिसाइलें
हूती कई प्रकार की शॉर्ट और मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करते हैं। इनमें इजरायल को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए Palestine 1 और Palestine 2 जैसे सिस्टम भी शामिल हैं। विशेषज्ञ विश्लेषण इन्हें ईरानी मिसाइल डिजाइन से जोड़ता है।
2. एंटी-शिप मिसाइलें
लाल सागर और अदन की खाड़ी में जहाजों को निशाना बनाने के लिए हूतियों ने एंटी-शिप मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। यही क्षमता उन्हें समुद्री व्यापार मार्गों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा चुनौती बनाती है।
3. क्रूज मिसाइलें
हूतियों के हथियारों में लैंड-अटैक और एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें भी शामिल हैं। IISS के विश्लेषण के अनुसार, इन प्रणालियों का संबंध ईरानी तकनीक और डिजाइन से है।
4. ड्रोन और UAVs
हूती बड़े पैमाने पर ड्रोन का इस्तेमाल करते हैं। इनमें निगरानी ड्रोन और हमला करने वाले एकतरफा हमलावर ड्रोन शामिल हैं। ईरान से ड्रोन तकनीक और महत्वपूर्ण घटकों की आपूर्ति के प्रमाण विभिन्न जांचों में सामने आए हैं।
5. एयर डिफेंस और रडार सिस्टम
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में हूती हथियार नेटवर्क के संदर्भ में एयर-डिफेंस उपकरण, रडार सिस्टम और संबंधित तकनीक का भी उल्लेख है।
क्या हूतियों के पास अपने बनाए हथियार भी हैं?
हां। हूतियों ने स्थानीय स्तर पर हथियारों और मिसाइलों के उत्पादन की क्षमता विकसित की है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार उनके सबसे जटिल हथियार सिस्टम अभी भी विदेशी तकनीक और महत्वपूर्ण घटकों पर काफी निर्भर हैं।
IISS के विश्लेषण के मुताबिक, कुछ बैलिस्टिक मिसाइलों के स्थानीय उत्पादन या असेंबली की क्षमता विकसित हुई है, जबकि अधिक जटिल मीडियम-रेंज मिसाइलों और क्रूज मिसाइलों के मामले में ईरानी सहायता महत्वपूर्ण बनी हुई है।
पैसा कहां से आता है?
हूतियों की फंडिंग का स्रोत सिर्फ विदेशी सहायता तक सीमित नहीं बताया जाता। अमेरिकी ट्रेजरी ने हूती नेटवर्क से जुड़े अवैध वित्तीय नेटवर्क, तस्करी, हथियारों की खरीद और विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई की है। 2025 में अमेरिकी ट्रेजरी ने ऐसे नेटवर्क से जुड़े दर्जनों व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए थे।
इसके अलावा, संगठन अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के स्थानीय राजस्व स्रोतों से भी धन जुटाता है। हालिया रिपोर्टों में ईरानी समर्थन और स्थानीय राजस्व दोनों को हूती सैन्य गतिविधियों की फंडिंग से जोड़ा गया है।
हथियारों की सप्लाई कैसे होती है?
हूती हथियारों के लिए समुद्री और अन्य तस्करी नेटवर्क का इस्तेमाल करते रहे हैं। जुलाई 2025 में यमनी बलों ने हूतियों के लिए भेजी जा रही 750 टन से अधिक हथियारों और सैन्य सामग्री की एक बड़ी खेप जब्त करने की घोषणा की थी। इसमें मिसाइल, ड्रोन इंजन, रडार और अन्य सैन्य उपकरण शामिल बताए गए थे।
अमेरिकी अधिकारियों ने भी ईरान से हूतियों तक हथियार, लक्ष्य संबंधी जानकारी और सैन्य सलाह पहुंचने की बात कही है।
लाल सागर में क्यों बढ़ जाता है खतरा?
हूतियों की मिसाइल और ड्रोन क्षमता का सबसे बड़ा रणनीतिक असर लाल सागर और Bab el-Mandeb जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर दिखाई देता है। इस क्षेत्र से गुजरने वाला अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार हूती हमलों के कारण सुरक्षा जोखिम का सामना कर चुका है।
यही वजह है कि हूतियों की सैन्य क्षमता का असर सिर्फ यमन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ता है।
निष्कर्ष
हूतियों की सैन्य ताकत कई स्रोतों के मेल से बनी है—ईरानी हथियार और तकनीकी सहायता, स्थानीय हथियार उत्पादन, युद्ध से हासिल सैन्य अनुभव और स्थानीय/अवैध वित्तीय नेटवर्क। उनके शस्त्रागार में बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल, एंटी-शिप मिसाइल, ड्रोन, रडार और एयर-डिफेंस सिस्टम जैसी क्षमताएं शामिल हैं।
हालांकि, किसी विशेष हथियार की उत्पत्ति या किसी खेप की पूरी सप्लाई चेन को लेकर हर मामले में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी समान स्तर की नहीं है। इसलिए ईरानी समर्थन को व्यापक रूप से दस्तावेजीकृत तथ्य के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन हर हूती हथियार को सीधे ईरान से आया हुआ मानना उचित नहीं होगा।