ताया गया है कि कथित रिश्वत की कुल रकम 1 करोड़ रुपये तय की गई थी, जिसे 50-50 लाख रुपये की दो किस्तों में देने की बात कही गई थी। इसके अलावा 1 एकड़ जमीन की मांग किए जाने का भी दावा सामने आया है। हालांकि लोकायुक्त की प्रारंभिक आधिकारिक जानकारी में 50 लाख रुपये नकद और 1 एकड़ जमीन की मांग का उल्लेख है।


लाल बैग में लेकर पहुंचा 50 लाख रुपये

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने बुधवार को मामला दर्ज कर ट्रैप की योजना बनाई। अधिकारियों के अनुसार, तहसीलदार ने शिकायतकर्ता को KCD ग्राउंड के पास पैसे लेकर आने को कहा था।

शिकायतकर्ता 50 लाख रुपये नकद लेकर वहां पहुंचा। रकम एक लाल रंग के बैग में रखी गई थी। लोकायुक्त के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने बैग तहसीलदार को दिया और उन्होंने उसे अपने बैग में रख लिया। इसी दौरान लोकायुक्त की टीम ने उन्हें पकड़ लिया।


पहले भी हो चुकी थी जमीन रिकॉर्ड से जुड़ी कार्रवाई

लोकायुक्त के अनुसार, संबंधित जमीन के पुराने 'पोडी' रिकॉर्ड को रद्द करने और नए सिरे से प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके थे। इसके बाद सहायक भूमि अभिलेख निदेशक की ओर से तहसीलदार के पास रिकॉर्ड सुधार और उप-विभाजन से संबंधित प्रस्ताव भेजा गया था।


अब आगे क्या होगा?

लोकायुक्त ने 50 लाख रुपये की नकदी जब्त करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। तहसीलदार के अन्य ठिकानों की तलाशी और संपत्तियों की जांच को लेकर भी आगे निर्णय लिया जाना है।

फिलहाल यह मामला आरोप और जांच के चरण में है। रिश्वत लेने के आरोपों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।