मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन ने मुस्लिम समुदाय के लिए मालीवाड़ा क्षेत्र में नमाज अदा करने की वैकल्पिक व्यवस्था की। हालांकि, मुस्लिम पक्ष ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

मुस्लिम पक्ष का कहना है कि वर्षों से भोजशाला परिसर में नमाज अदा करने की परंपरा रही है और वैकल्पिक स्थान इस व्यवस्था का उचित विकल्प नहीं हो सकता। उनका कहना है कि वे अपने धार्मिक अधिकारों और कानूनी दावों को लेकर अदालत में अपनी बात रखते रहेंगे।

वहीं, प्रशासन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी प्रकार का विवाद या तनाव उत्पन्न न हो। अधिकारियों ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील की है।

भोजशाला परिसर लंबे समय से हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की आस्था और दावों का केंद्र रहा है। इस मामले को लेकर अदालत में सुनवाई जारी है और अंतिम निर्णय का सभी पक्षों को इंतजार है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि दोनों समुदायों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।