नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के बीच राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच कई स्थानों पर झड़पें हुईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग किया।
दिल्ली पुलिस ने संसद परिसर और आसपास के उच्च सुरक्षा क्षेत्र में कई स्तरों की बैरिकेडिंग की थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। कई स्थानों पर बैरिकेड तोड़े जाने और धक्का-मुक्की की घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कार्रवाई की।
विरोध-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। बाद में पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लिया। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें कुछ समय बाद रिहा भी कर दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम का असर संसद की कार्यवाही पर भी पड़ा। विपक्ष ने प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा, जिसके कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। विपक्ष शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा संबंधी मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है।
प्रदर्शन के बाद राजधानी के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। कई प्रमुख मार्गों पर यातायात भी प्रभावित रहा।
पुलिस ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए और हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।