कई राज्यों में अर्नब तूफान का असर

चक्रवात अर्नब का असर देश के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिल रहा है। राजस्थान में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है, जबकि उत्तराखंड के केदारनाथ और बदरीनाथ समेत ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। दूसरी ओर, ओडिशा में लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया और कई जगह भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं।

मौसम में आए इस बदलाव के बीच बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र भी विकसित हो रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यह सिस्टम आगे बढ़कर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश करा सकता है।

ओडिशा में लैंडस्लाइड से तीन की मौत

ओडिशा के कंधमाल जिले में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में नौ महीने का बच्चा भी शामिल है। पहाड़ी का एक हिस्सा खिसकने से परिवार का घर मलबे की चपेट में आ गया।

चक्रवात अर्नब से जुड़ी भारी बारिश ने गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों गांव प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार के मुताबिक, 23 हजार से अधिक लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।

राहत और बचाव अभियान जारी

ओडिशा में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टरों की मदद ली गई। कई स्थानों पर फंसे लोगों तक भोजन के पैकेट पहुंचाए गए। NDRF और ODRAF की टीमें नावों के जरिए राहत सामग्री बांट रही हैं।

राज्य सरकार ने गंजाम जिले में राहत और बचाव कार्यों के लिए अतिरिक्त 20 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है। केंद्र की एक टीम 2 नवंबर को नुकसान का आकलन करने ओडिशा पहुंचेगी।

उत्तराखंड में बर्फबारी, राजस्थान में ओलावृष्टि

अर्नब तूफान से जुड़े मौसम परिवर्तन के कारण उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी हुई है। केदारनाथ और बदरीनाथ के आसपास बर्फ की चादर दिखाई दी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

राजस्थान के कुछ जिलों में बारिश के साथ ओले गिरने की खबर है। इससे तापमान में भी गिरावट आई है। मौसम के इस बदलाव का असर दूसरे राज्यों में भी देखा जा रहा है।

आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा नया मौसमी सिस्टम

अर्नब के प्रभाव के बीच बंगाल की खाड़ी और दक्षिण अंडमान सागर के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम मजबूत होकर डिप्रेशन में बदल सकता है और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ सकता है।

इससे 2 और 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। रायलसीमा के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश हो सकती है। फिलहाल इसे नया चक्रवात घोषित नहीं किया गया है; इसके आगे की तीव्रता और दिशा पर मौसम विभाग नजर रख रहा है।

प्रशासन ने जारी की सतर्कता की अपील

ओडिशा में बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। वहीं, आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने को कहा गया है।

मछुआरों और समुद्र में जाने वाले लोगों को मौसम की स्थिति सामान्य होने तक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। निचले और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता रखने की जरूरत है।

निष्कर्ष

चक्रवात अर्नब के बाद देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल गया है। ओडिशा में बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित है, उत्तराखंड में बर्फबारी और राजस्थान में ओलावृष्टि हुई है। अब बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा नया सिस्टम आंध्र प्रदेश के लिए बारिश की चुनौती बन सकता है।