बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर चल रहा विवाद और गहरा गया है। मोकामा विधायक अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार का खुलकर विरोध करने का ऐलान किया है। अनंत सिंह ने कहा कि वह JDU के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन नीरज कुमार के खिलाफ चुनाव में पूरी ताकत लगाएंगे।
'नीरज ने मेरे घर AK-47 रखवाकर फंसाया'
अनंत सिंह ने अपने पुराने AK-47 मामले का जिक्र करते हुए नीरज कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि उनके घर में AK-47 रखवाकर उन्हें फंसाया गया और जेल भेजा गया।
अनंत सिंह ने इस आरोप की जांच की मांग करते हुए नीरज कुमार के साथ अपना भी नार्को टेस्ट कराने की चुनौती दी। हालांकि, ये आरोप अनंत सिंह के बयान पर आधारित हैं और नीरज कुमार ने इन्हें स्वीकार नहीं किया है।
'ललन सिंह का भी विरोध किया था'
अनंत सिंह ने कहा कि नीरज कुमार ने पहले भी उनका और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का चुनावी विरोध किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पार्टी के नेताओं का विरोध किया गया, तब संगठन ने इस पर क्या कार्रवाई की।
अनंत सिंह के मुताबिक, उन्होंने पार्टी की बैठक में भी अपनी नाराजगी रखी और पूछा था कि उनकी गलती क्या है, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
'यह पार्टी का चुनाव नहीं'
MLC चुनाव में नीरज कुमार का विरोध करने की वजह बताते हुए अनंत सिंह ने कहा कि यह पार्टी का चुनाव नहीं है, क्योंकि इसमें विधानसभा चुनाव की तरह पार्टी का चुनाव चिह्न नहीं होता।
उन्होंने यह भी कहा कि जब वह या ललन सिंह चुनाव लड़ रहे थे, तब नीरज कुमार ने उनका विरोध किया था। इसी आधार पर अनंत सिंह ने अब नीरज कुमार के खिलाफ खड़े होने की बात कही है।
'नीरज को हराएंगे, जमानत बचाना मुश्किल'
अनंत सिंह ने नीरज कुमार को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि वह उन्हें MLC चुनाव में हराने के लिए “जितनी ताकत है लगाएंगे।” एक अन्य बयान में उन्होंने यहां तक कहा कि नीरज कुमार के लिए चुनाव जीतना तो दूर, जमानत बचाना भी मुश्किल होगा।
हालांकि यह अनंत सिंह का राजनीतिक दावा है। चुनाव परिणाम के बारे में अभी कोई निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है।
नीरज कुमार का पलटवार
अनंत सिंह के आरोपों पर नीरज कुमार ने भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर अनंत सिंह के पास कोई सबूत है तो वह अदालत में जाएं। नीरज ने आरोपों को राजनीतिक हमला बताते हुए कहा कि वह इस तरह के आरोपों से डरने वाले नहीं हैं।
नीरज कुमार ने यह भी कहा कि उन्होंने अपना राजनीतिक प्लेटफॉर्म नहीं बदला है और उन्हें चुनौती देने वालों को अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करना चाहिए।
पार्टी की बैठक से अनंत सिंह रहे दूर
18 सितंबर को JDU की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान भी अनंत सिंह मौजूद नहीं रहे। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने अपनी अनुपस्थिति के लिए पहले से तय क्षेत्रीय कार्यक्रम का हवाला दिया। इसके बावजूद उन्होंने मीडिया के सामने नीरज कुमार के खिलाफ अपना रुख दोहराया।
इससे पहले नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच विवाद को सुलझाने के लिए पार्टी स्तर पर बातचीत की कोशिशें भी हुई थीं, लेकिन दोनों नेताओं के बीच मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हुए।
क्या था AK-47 मामला?
2019 में पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल के लदमा गांव स्थित अनंत सिंह के पैतृक आवास पर पुलिस ने छापेमारी की थी। पुलिस के मुताबिक, वहां से AK-47 राइफल, मैगजीन, कारतूस और ग्रेनेड बरामद किए गए थे। इस मामले में अनंत सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई थी।
बाद में अगस्त 2024 में पटना हाईकोर्ट ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने नीरज कुमार पर पुराने मामले में फंसाने का आरोप लगाया है।
JDU के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद?
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव में JDU ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में पार्टी के ही एक मौजूदा विधायक द्वारा उम्मीदवार के खिलाफ खुला विरोध संगठन के सामने समन्वय की चुनौती पेश करता है।
अब पार्टी नेतृत्व के सामने चुनौती यह है कि अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच जारी विवाद को किस तरह संभाला जाए और चुनावी अभियान में संगठन की एकजुटता कैसे बनाए रखी जाए।
फिलहाल अनंत सिंह अपने विरोध पर कायम हैं, जबकि नीरज कुमार ने आरोपों का जवाब देते हुए उन्हें अदालत में सबूत पेश करने की चुनौती दी है। विवाद का अगला असर चुनावी अभियान और पार्टी के अंदरूनी समीकरणों पर दिखाई दे सकता है।