मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने ईरान से जुड़े सैन्य ठिकानों पर ताजा एयरस्ट्राइक की, जिसके बाद क्षेत्र में हालात और गंभीर हो गए हैं।

अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई मिसाइलें दागीं। हमलों के बाद दोनों देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और सैन्य बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया।

क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जॉर्डन की वायु रक्षा प्रणाली ने अपनी हवाई सीमा की ओर बढ़ रही 8 मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही मार गिराया। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से संभावित बड़े नुकसान को टाल दिया गया।

बढ़ते तनाव को देखते हुए कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालने की अपील की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई जारी रहती है, तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा, वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों की ओर से क्या अगला कदम उठाया जाता है।