अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इमिग्रेशन नीतियों और H-1B वीजा पर सख्ती के बावजूद अमेरिका में भारतीय समुदाय का विस्तार जारी है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका में 50 से ज्यादा ‘Little India’ या ‘Mini India’ जैसे भारतीय बहुल इलाके उभर चुके हैं और आने वाले पांच वर्षों में इनकी संख्या करीब 75 तक पहुंचने का अनुमान है।
20 साल में तेजी से बढ़ी भारतीय आबादी
भारतीय-अमेरिकी समुदाय अमेरिका में सबसे तेजी से बढ़ने वाले प्रवासी समुदायों में शामिल है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में भारतीय मूल की आबादी 2005 के करीब 18 लाख से बढ़कर 2025 में लगभग 50 लाख हो गई। हालांकि, अलग-अलग संस्थाओं की गणना में ‘Indian origin’, ‘Asian Indian’ और ‘Indian American’ की परिभाषा अलग होने के कारण आंकड़ों में अंतर दिखाई देता है।
U.S. Census के 2024 के अनुमान में Asian Indian alone-or-in-combination आबादी करीब 56 लाख बताई गई है।
कैलिफोर्निया में सबसे ज्यादा भारतवंशी
अमेरिका में भारतीय समुदाय की सबसे बड़ी आबादी कैलिफोर्निया में है। Pew Research Center के अनुसार, 2022 में अमेरिका के लगभग 48 लाख Indian Americans में करीब 20% कैलिफोर्निया में रहते थे। इसके बाद टेक्सास, न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क प्रमुख राज्य हैं।
कैलिफोर्निया के Fremont और Bay Area जैसे इलाकों में भारतीय संस्कृति, कारोबार, मंदिर, रेस्तरां, किराना स्टोर और क्रिकेट जैसी गतिविधियों की मजबूत मौजूदगी देखी जा सकती है। San Francisco Chronicle ने Fremont को Bay Area का सबसे ज्यादा भारतीय प्रभाव वाला शहर बताया है।
‘मिनी इंडिया’ क्यों बन रहे हैं?
भारतीय समुदाय के इन क्लस्टर्स के पीछे कई कारण हैं—
- IT और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भारतीयों की बड़ी भागीदारी
- Healthcare और Pharma में रोजगार
- परिवार और रिश्तेदारों के जरिए Migration
- भारतीय कारोबार और छोटे-छोटे Business
- मंदिर, गुरुद्वारे और भारतीय धार्मिक संस्थान
- Indian grocery stores और restaurants
- भारतीय भाषाओं और संस्कृति से जुड़े Community Networks
Migration Policy Institute के मुताबिक, 2024 में अमेरिका में करीब 32 लाख भारत में जन्मे प्रवासी रह रहे थे। 2010 से 2024 के बीच भारतीय immigrant population में लगभग 78% की वृद्धि हुई।
ट्रंप की सख्ती के बावजूद क्यों जारी है बसना?
ट्रंप प्रशासन ने H-1B वीजा, Green Card और अन्य इमिग्रेशन प्रक्रियाओं पर सख्ती बढ़ाई है। हाल में H-1B से जुड़े नए प्रस्तावों और नियमों ने भारतीय IT professionals के बीच चिंता बढ़ाई है। भारतीय नागरिक हाल के वर्षों में H-1B कार्यक्रम के सबसे बड़े लाभार्थी रहे हैं।
इसके बावजूद अमेरिका भारतीय professionals के लिए Technology, Healthcare, Finance और अन्य high-skilled sectors में बड़ा रोजगार बाजार बना हुआ है।
लेकिन तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं
भारतीय समुदाय की संख्या बढ़ रही है, लेकिन नई immigration policies के कारण भारत से अमेरिका जाने की रफ्तार पर असर पड़ने के संकेत भी हैं। खासकर H-1B पर निर्भर professionals को नौकरी, visa status और Green Card backlog को लेकर ज्यादा अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।
इसके बावजूद अमेरिका में पहले से बसे भारतीय परिवारों की संख्या और उनके मजबूत community networks के कारण नए ‘Mini India’ जैसे भारतीय cultural hubs बनते रहने की संभावना बनी हुई है।
यानी ट्रंप की immigration सख्ती ने भारतीयों के लिए रास्ता मुश्किल जरूर किया है, लेकिन अमेरिका में दशकों से बन चुका भारतीय community ecosystem अभी भी तेजी से मजबूत हो रहा है।